Sanskrit Shloka Before Sleeping । सोने से पहले पढ़ने का संस्कृत श्लोक

Sanskrit Shloka Before Sleeping । सोने से पहले पढ़ने का संस्कृत श्लोक

यहाँ सोने से पहले पढ़े जाने वाले प्रमुख संस्कृत श्लोक (Sanskrit shloka before sleeping) (शयन मंत्र) दिए गए हैं। ये श्लोक मन को शांत करते हैं, नकारात्मक विचारों को दूर करते हैं और गहरी, सुखद नींद में सहायक होते हैं।


सोने से पहले पढ़ने का संस्कृत श्लोक :
 
  •  सबसे प्रसिद्ध शयन मंत्र (भगवान विष्णु का स्मरण) :

करचरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा
श्रवणनयनजं वा मानसं वा अपराधम्।
विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व
जय जय करुणाब्धे श्रीमहाविष्णो नमस्ते॥

हिंदी अर्थ :
हे करुणा के सागर श्रीमहाविष्णु! हाथ-पैर, वाणी, शरीर, कर्म, इंद्रियों या मन से जाने-अनजाने जो भी अपराध हुए हों, कृपया उन सबको क्षमा करें।

  • बाल गोपाल (कृष्ण) को स्मरण करने का श्लोक :

श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे
हे नाथ नारायण वासुदेव।
जिह्वे पठस्व हरिनामधेयं
भवाम्बुधेस्तारणमेव नौकाः॥

हिंदी अर्थ : हे जिह्वा! श्रीकृष्ण, गोविंद, नारायण का नाम जप। हरिनाम ही इस संसार रूपी सागर को पार करने की नौका है।

  •  मन की शांति के लिए छोटा श्लोक :

रामस्कन्दं हनूमन्तं वैनतेयं वृकोदरम्।
शयने यः स्मरेन्नित्यं दुःस्वप्नस्तस्य नश्यति॥

हिंदी अर्थ : 
जो व्यक्ति सोते समय राम, स्कंद, हनुमान, गरुड़ और भीम का स्मरण करता है, उसे बुरे स्वप्न नहीं आते।

  • क्षमा और आत्मशुद्धि का शयन मंत्र :

कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा
बुद्ध्यात्मना वा प्रकृतेः स्वभावात्।
करोमि यद्यत् सकलं परस्मै
नारायणायेति समर्पयामि॥


हिंदी अर्थ : 
शरीर, वाणी, मन, इंद्रियाँ या बुद्धि से मैं जो भी कर्म करता हूँ, उसे भगवान नारायण को समर्पित करता हूँ।


🙏 सोने से पहले श्लोक पढ़ने के लाभ 🙏 :

➥ मन शांत होता है

➥ तनाव और चिंता कम होती है

➥ नकारात्मक विचार दूर होते हैं

➥ नींद गहरी और सुखद आती है

➥आत्मिक शांति मिलती है

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