Class 9 Sanskrit Iravati Chapter 3 नद्यः | NCERT Translation, Question Answers & Solutions

Class 9 Sanskrit Iravati Chapter 3 नद्यः | NCERT Translation, Question Answers & Solutions

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पाठ तृतीय : नद्यः (Nadya)

भारत एक नदीप्रधान देश है। यहाँ अनेक नदियाँ हिमालयादि पर्वतों से प्रादुर्भूत होकर विभिन्न क्षेत्रों को उपकृत और अभिसिञ्चित करती हुई समुद्र में जाकर मिल जाती हैं। अपने सांस्कृतिक महत्त्व के साथ-साथ नदियाँ भौतिक रूप में हमारे लिए अनेक प्रकार से उपयोगी हैं। ये नदियाँ खेतों की सिंचाई, पेयजल, विद्युत उत्पादन आदि के माध्यम से हमारा उपकार करती हैं। इन नदियों में मातृत्व गुणों के कारण भारतीय परम्परा में नदियों को माता के समान पूज्य माना गया है।
 
English Translation

India is a river-rich country. Numerous rivers originate from the Himalayas and other mountain ranges, flow through different regions, irrigate and benefit the land, and ultimately merge into the sea. Along with their cultural significance, rivers are also immensely useful to us in many practical ways. They support us by providing irrigation for agriculture, drinking water, and hydroelectric power. Because of these motherly qualities, rivers have traditionally been revered and worshipped as mothers in Indian culture.
 
संस्कृत पाठ

अस्माकं भारतदेशः अतीव विशालः अस्ति। अत्र बहवः गिरयः सन्ति। तेषु केचन अत्युन्नताः। केचन नात्युन्नताः। ते गिरयः मेघकलापं धृत्वा वृष्टिं सम्पादयन्ति। तेन अनेकाः नद्यः प्रवहन्ति।

अनेकासु नदीषु महानदी, गोदावरी, कावेरी, कृष्णा च पूर्वसमुद्रं प्रति प्रवहन्ति। इतरा: साबरमती, ताप्ती, नर्मदा च पश्चिमसमुद्रं प्रति प्रवहन्ति।

काश्चन यथा भागीरथी, कालिन्दी, गण्डकी, कौशिकी च हिमालयशिखरेभ्यः प्रभवन्ति। पुरा सरस्वती नदी अपि पश्चिमसमुद्राभिमुखम् एव प्रवहति स्म, परन्तु अद्य अस्याः चिह्नानि एव यत्र तत्र प्रवाहमार्गे प्राप्यन्ते।

अन्यासां नदीनां मध्ये वितस्ता, झेलम्, चन्द्रभागा, इरावती, विपाशा, शुतुद्रुः च हिमालयात् प्रभवन्त्यः पञ्चनदप्रान्ते वहन्ति। भारतस्य मध्यप्रान्ते चर्मण्वती वेत्रवती च नद्यौ प्रसिद्धे स्तः।

हिन्दी अनुवाद:

हमारा भारत बहुत बड़ा है। यहाँ बहुत सारे पहाड़ हैं। उनमें से कुछ बहुत ऊँचे हैं। कुछ ज़्यादा ऊँचे नहीं हैं। वे पहाड़ बादलों की आवाजाही को रोकते हैं और बारिश करते हैं। यहाँ से कई नदियाँ बहती हैं।

कई नदियों में से, महानदी, गोदावरी, कावेरी और कृष्णा पूर्वी समुद्र में बहती हैं। दूसरी नदियाँ साबरमती, ताप्ती और नर्मदा हैं जो पश्चिमी समुद्र में बहती हैं।

भागीरथी, कालिंदी, गंडकी और कौशिकी जैसी कुछ नदियाँ हिमालय की चोटियों से निकलती हैं। पहले, सरस्वती नदी भी पश्चिमी समुद्र की ओर बहती थी, लेकिन आज उसके बहने के रास्ते में हर जगह सिर्फ़ उसके निशान मिलते हैं।

दूसरी नदियों में, वितस्ता, झेलम, चंद्रभागा, इरावती, विपाशा और शुतुद्रु हिमालय से निकलती हैं और पंचनद क्षेत्र में बहती हैं। चर्मणवती और वेत्रवती नदियाँ भारत के मध्य प्रांत में मशहूर हैं।

English Translation:

Our India is very big. There are a lot of mountains here. Some of them are very high. Some are not too high. Those mountains stop the movement of clouds and bring rain. Many rivers flow from here.

Among the many rivers, the Mahanadi, Godavari, Cauvery and Krishna flow into the Eastern Sea. The other rivers are Sabarmati, Tapti and Narmada which flow into the Western Sea.

Some rivers like Bhagirathi, Kalindi, Ganges and Kausiki originate from the peaks of the Himalayas. Earlier, the Saraswati River also flowed towards the Western Sea, but today there are only traces of it everywhere in its path.

Among the other rivers, Vitastha, Jhelum, Chandrabhaga, Iravati, Vipasha and Shutudru originate from the Himalayas and flow into the Panchand region. The Charmanvati and Vetravati rivers are famous in the central province of India.


संस्कृत पाठ

पुराणकालात् आरभ्य सर्वे भारतीयाः नदीनां सम्मानं कुर्वन्ति। क्षेत्रेषु सलिलसेचनेन नद्यापि मातेव भवति। अत एव यानि क्षेत्राणि नदीजलेन प्लावितानि तानि नदीमातृकाणीति प्रसिद्धानि यानि च वृष्टिजलेन सिक्तानि तानि देवमातृकाणि इति।

हिन्दी अर्थ:

प्राचीन काल से ही सभी भारतीय नदियों का सम्मान करते हैं। खेतों में जल की सिंचाई करने के कारण नदी भी माता के समान होती है। इसलिए जो खेत नदी के जल से सिंचित होते हैं, वे नदीमातृक कहलाते हैं और जो खेत वर्षा के जल से सिंचित होते हैं, वे देवमातृक कहलाते हैं।

English Translation:

Since ancient times, all Indians have respected rivers. A river also becomes like a mother because it provides water for irrigating the fields. Therefore, the fields irrigated by river water are known as Nadimatrika, while those irrigated by rainwater are known as Devamatrika.


संस्कृत पाठ:

वर्षाकाले वृष्टिपातेन नद्याः जलेन च कृषिक्षेत्राणि प्लावितानि भवन्ति। कृषकाः कृषिकार्यं कृत्वा अन्नोत्पादनं कुर्वन्ति। नदीषु विविधाः मत्स्याः निवसन्ति। येषु प्रदेशेषु अनावृष्टि-कारणेन जलाभावात् कृषिः न प्रारभ्यते तत्र शासनाधिकारिणः नद्याः जलं प्रतिरुध्य सेतुं बद्ध्वा महाजलाशयान् निर्माय जलसञ्चयं कुर्वन्ति। तेभ्यः जलाशयेभ्यः क्षेत्रेषु जलं वितरन्ति। साम्प्रतं महानगरे नद्याः जलमेव प्रतिगृहं सर्वकारेण सम्प्रेष्यते।

नद्यां बन्धं निर्माय तस्मात् विद्युतम् उत्पादयन्ति। एषा जलमूला विद्युत् ‘हाइड्रो-इलेक्ट्रिकपावर’ इति नाम्ना प्रसिद्धा। भोः! पश्यत! नद्यः देशस्य कीदृशमुपकारं कुर्वन्ति। अत एव जनाः ताः पूजयन्ति। स्वगृहेषु अधुनाSपि जनाः स्नानसमये सर्वासां नदीनां सान्निध्यं स्नानजले प्रार्थयन्ते।


गङ्गे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति।
नर्मदे सिन्धुकावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥

हिन्दी अर्थ:

बारिश के मौसम में खेत बारिश और नदी के पानी से भर जाते हैं। किसान खेती का काम करते हैं और खाना उगाते हैं। नदियों में तरह-तरह की मछलियाँ रहती हैं। जिन इलाकों में सूखे की वजह से पानी की कमी से खेती शुरू नहीं हो पाती, वहाँ अधिकारी नदी का पानी रोक देते हैं, पुल बना देते हैं और पानी जमा करने के लिए बड़े-बड़े तालाब बना देते हैं। वे तालाबों से खेतों में पानी पहुँचाते हैं। अभी, सरकार की तरफ से बड़े शहरों में हर घर में सिर्फ़ नदी का पानी ही दिया जाता है।

वे नदी पर डैम बनाते हैं और उससे बिजली बनाते हैं। पानी से बनी इस बिजली को ‘हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर’ कहते हैं। भो! देखो! नदियाँ देश का कितना भला करती हैं। इसीलिए लोग उनकी पूजा करते हैं। अपने घरों में लोग आज भी नहाते समय नहाने के पानी में सभी नदियों के होने की दुआ करते हैं।

गंगा और यमुना और गोदावरी और सरस्वती। हे नर्मदा सिंधु कावेरी इस पानी में अपनी मौजूदगी का। 

English Translation:

During the rainy season, fields are filled with rain and river water. Farmers cultivate and grow food. Rivers teem with various kinds of fish. In areas where drought prevents farming due to water shortages, officials block river water, build bridges, and create large ponds to store water. These ponds then supply water to the fields. Currently, the government supplies only river water to every household in major cities.

They build dams on rivers and generate electricity from them. This water-generated electricity is called 'hydro-electric power.' Oh! Look! Rivers do so much good to the country. That's why people worship them. Even today, while bathing in their homes, people pray for the presence of all the rivers in their bathwater.

Ganga, Yamuna, Godavari, and Saraswati.
O Narmada, Sindhu, Kaveri, make your presence felt in this water.


वयं शब्दार्थान् जानीमः

शब्दःअर्थःहिन्दीEnglish
अतीवअत्यधिकम्    बहुत अधिक        Very / Extremely
गिरयःपर्वताः    अनेक पहाड़        Mountains
केचनकेचित् / कतिपयाः    कुछ        Some
मेघकलापम्मेघसमूहम्    बादलों के समूह को        Cluster of clouds / Mass of clouds



संस्कृत शब्दसंस्कृत अर्थहिन्दी अर्थEnglish Meaning
इतराःअन्याःदूसरीOthers
सलिलसेचनेनजलसेचनेनजल के द्वारा सींचने सेBy irrigation with water
नदीमातृकाणिनदीजलसिञ्चितानिनदियाँ हैं माता जिनकी (वे क्षेत्र)Lands nourished by rivers / River-fed regions
देवमातृकाणिवर्षाजलाश्रितानिवर्षा पर आधारित (खेत)Rain-fed lands / God-given rain
अनावृष्टिकारणेनवृष्टेः अभावेनवर्षा न होने के कारणDue to lack of rainfall
साम्प्रतम्अधुना / इदानीम्इस समयAt present / Nowadays
सम्प्रेष्यतेप्रेष्यतेभेजा जाता हैIs supplied
धृत्वाधारणं कृत्वाधारण करकेHolding
प्रवाहमार्गेजलगमनमार्गेबहाव के रास्ते मेंOn the flow path
प्रतिगृहम्प्रत्येकं गृहम्प्रत्येक घर मेंTo every house
नाम्नानामकेननाम सेBy the name of

अत्र इदम् अवधेयम्

संस्कृत

“यत् लिङ्गं यद्वचनं या च विभक्तिः विशेषणस्य।
तल्लिङ्गं तद्वचनं सा च विभक्तिः विशेष्यस्य॥”

व्याख्या— विशेषण-विशेष्योः लिङ्गे, वचने, विभक्तौ च समानता भवति।

हिन्दी अर्थ

जिस विशेषण का जो लिंग, वचन और विभक्ति होती है, विशेष्य का भी वही लिंग, वचन और विभक्ति होती है।

अर्थात् विशेषण और विशेष्य के लिंग, वचन तथा विभक्ति में समानता होती है।


उदाहरणम्विशेषणम्विशेष्यम्लिङ्गम्वचनम्विभक्तिः
केचन अद्युन्ताः, केचन नात्युन्नताः (गिरयः)अत्युन्नताः, नात्युन्नताःगिरयःपुल्लिङ्गम्बहुवचनम्प्रथमा
अनेका: नद्यःअनेका:नद्यःस्त्रीलिङ्गम्बहुवचनम्प्रथमा
अनेकासु नदीषुअनेकासुनदीषुस्त्रीलिङ्गम्बहुवचनम्सप्तमी
अन्यासां नदीनाम्अन्यासाम्नदीनाम्स्त्रीलिङ्गम्बहुवचनम्षष्ठी
नद्यौ  प्रसिद्धेप्रसिद्धेनद्यौ स्त्रीलिङ्गम्द्विवचनम्प्रथमा
यानि क्षेत्राणि नदीजलेन प्लावितानि, तानि नदीमातृकाणिप्लावितानि, नदीमातृकाणिक्षेत्राणिनपुंसकलिङ्गम्बहुवचनम्प्रथमा
यानि क्षेत्राणि वृष्टिजलेन सिक्तानि, तानि देवमातृकाणिसिक्तानि, देवमातृकाणिक्षेत्राणिनपुंसकलिङ्गम्बहुवचनम्प्रथमा





वयम् अभ्यासं कुर्मः
 
1. अधोलिखितानि वाक्यानि पुरतः “सत्यम्/असत्यम्” वा लिखत—

क. गोदावरी नदी पश्चिमसमुद्रं प्रति वहति।

ख. नद्यः कृषिकार्याय जलं प्रयच्छन्ति।

ग. बन्धं निर्माय जलात् विद्युत् उत्पाद्यते।

घ. सरस्वती नदी अद्यापि सम्पूर्णप्रवाहेन प्रवहन्ती दृश्यते।

ङ. भारतवासिनः प्राचीनकालादेव नदीनां सम्मानं कुर्वन्ति।


उत्तरम् 

क. असत्यम्
ख. सत्यम्
ग. सत्यम्
घ. असत्यम्
ङ. सत्यम्
 
2. अधोलिखितानां प्रश्नानां पूर्णवाक्येन उत्तराणि लिखत—
 

क. भारतस्य मध्यप्रान्ते के नद्यौ प्रसिद्धे स्तः?

ख. काः नद्यः पूर्वसमुद्रं प्रति प्रवहन्ति?

ग. हिमालय-शिखरेभ्यः काः नद्यः प्रभवन्ति?

घ. पञ्चनदप्रान्ते काः काः नद्यः प्रवहन्ति?

ङ. केन कृषिक्षेत्राणि प्लावितानि भवन्ति?


उत्तरम् :
(क) भारतस्य मध्यभागे चर्मण्वती-वेत्रवती नद्यौ प्रसिद्धे स्तः। 
(ख) गोदावरी नदी पूर्वसमुद्रं प्रति प्रवहति। 
(ग) गङ्गा, यमुना, ब्रह्मपुत्रादयः नद्यः हिमालय-शिखरेभ्यः प्रभवन्ति। 
(घ) झेलम्, चिनाब, रावी, व्यासः, सतलुजः पञ्चनदप्रदेशे प्रवहन्ति। 
(ङ) नदीजलैः कृषीक्षेत्राणि प्लावितानि भवन्ति। 


 
3. ह्यः स्तम्भयोः मेलनं कुरुत—

 स्तम्भः क

 स्तम्भः ख

 क. कृषिः

 १. विद्युदुत्पादनम्

 ख. बन्धः

 २. जलसञ्चयः

 ग. जलाशयः

 ३. सेचनम्

 घ. नदी

 ४. मत्स्यानां निवासः

 ङ. जलविद्युत्

 ५. जलमूला विद्युत् (हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर)




 स्तम्भः क

 स्तम्भः ख

 क. कृषिः

३. सेचनम्

 ख. बन्धः

१. विद्युदुत्पादनम्

 ग. जलाशयः

 २. जलसञ्चयः

 घ. नदी

 ४. मत्स्यानां निवासः

 ङ. जलविद्युत्

 ५. जलमूला विद्युत् (हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर)



क्रियाकलापः


1. श्लोक का सस्वर अभ्यास
 

अधोलिखितस्य श्लोकस्य सस्वरम् अभ्यासं कुरुत प्रतिदिनं स्नानकाले उच्चारयत च।

गङ्गे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति।
नर्मदे सिन्धुकावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥

हिन्दी अर्थ:

नीचे दिए गए श्लोक का सस्वर अभ्यास कीजिए तथा प्रतिदिन स्नान के समय इसका उच्चारण कीजिए।

English Translation:

Practise the following verse aloud with proper pronunciation and recite it every day while bathing.

श्लोक का हिन्दी अर्थ:

हे गंगा! हे यमुना! हे गोदावरी! हे सरस्वती! हे नर्मदा! हे सिंधु! हे कावेरी! आप सभी इस जल में अपनी उपस्थिति प्रदान करें।
 
English Meaning:

O Ganga, O Yamuna, O Godavari, O Saraswati, O Narmada, O Sindhu and O Kaveri! May you all be present in this water.

 
2. मानचित्र गतिविधि
 

पाठे वर्णितानां नदीनां स्थानानि भारतस्य भौगोलिके मानचित्रे, चिह्नितानि कुरुत।

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